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Monday, 24 May 2021

स्यौ लगोण छै

 



                बालम अर चैन सिंग द्वी इस्कुल्या दगड़या पलै* सालों बटि मिलिन। असल कुसल ह्वेन। कैकु जीवन चर्खा कति घुमणु कनु घुमणु बात विचार ह्वेन। बालम सिंग - यार दिदा मिन सूणि त्वेन नोनी बि बिवैल बल ?

चैन सिंग - हाँ यार भुला लगुली अर ब्यटुली जति छाँट ह्वो ठंगरा लगे दीण चैंद निथर वीं भुयां गळजी* जान्द।

बालम - हौं दिदा सयी बात च। दिदा मिन सूणी भलु घौर बार मिली बल नोनी थैं । दिल्ली बि चलग्ये बल जवैं दगड़। सच्ची ?

चैन सिंग - हाँ यार भुला ठिक यी छन ब्वाला। ये संगसारा सोब रिस्ता स्वारथ का बल। अब बेटुल्यों तैं द्याखा। भलु जवैं अर धैन-चैन* बळी मवसी मिली त मेरु भाग ल्येन ये घौर मिथैं, बुबा क्वो होन्द देण वळु अर कखि पस्यौ धारा गरीबी लारा मा कटेणी त मेरा बाबै नि खाण ह्वेन, जु यीं घौर द्ये मेरु बूरू करी। पर चलो खुसी छ अपणा होन्दा खान्दा दिखेन्दा त हरीश लगदू। अर द्वी मितर अपण अपणा बाटा लगिन।

                कुछैक साल बाद नोनी जवैं क तरक्की ह्वे साब बणिन, त नोनी हलण-चलण* बि साबिण वळु होणे छै। गौं मा सब्यूँ तैं पता छै कि अलाणा फलाणें नोनी जवैं बड़ो साब बणिग्ये। नोनी भाग्येस मा बिरस्पति जु बैठयूँ छै।

एक दां नोनी मैत ऐन,  जनि खौळ मा पौंछिन त तैन सौजि बाबा तैं ब्वोली। बाबा जर्रा पिछने क्वलणा* चला दौं।

बाबान बोलि किलै बाबा ?

नोनी - स्यौ* लगोण छै।

चैन सिंग अचरज मा ! दुन्यांऽ छीड़ा छंछड़ों छपोड़यूँ मनखी छै। वा बिंगी ग्ये। तेन उनि सौजि। बाबा आदिम रिस्ता पैदा कर्दू आदर ना। त्वेतैं तति सरम छै लगणी ये बुबा देखि त इन कैर तु बुबा ब्वोली ना। क्वै जबरदस्ती नि, क्वे नि बिलकणु* ? मिन ठिक यी सूणि छै कि बड़ा पद अर कदाऽ झ्याला* तौळ आदर कुर्ची* अर रिस्ता गौळि जान्दा बल।  

 

असौंग शब्दों अर्थ

 

स्यौ - सेवा सौंळि।   पलै - भिज्यां भौत।   गळजी - अळझी कि गलण। हलण चलण - चाळ ढाळ।   क्वलणा – कुलाणा/ मकानो पिछने हिस्सो।  बिलकणु - लगणु।  कदाऽ - कद के।  झ्याला - लगुल्यों जाळ ।    कुर्ची - कुरचण।

            

Saturday, 19 September 2020

पितरें अग्याळ




    बिगरैलू संजोग ही छै कि मनौड़ी परिवारा तीन पितरें तीथ एकी छै, चर्तुदशी। पिताजी, दादा अर बुढ्या दादी। दिवाकर अर प्रभाकर यीं पीड़िऽक हर्ताकर्ता। बड़ू भै दिवाकर आर्युवेद कम्पोन्डर, बड़ा भगत आदिम, निमाणा, व्यौहार कुशल। सदानी घौरा नजीक पोस्टिेड रयां। सबसे बड़ू गुण जनते स्वास्थ्य सेवा। हर बगत अपणा पैंसौं से फर्स्टऐडो थैलु दगड़ रखदा। जेन जखीमु बोली दवे देन्दा अर पथ्य समझान्दा। दगड़ मा पिस्तरी काम जजमानी अर सैरुल समाळी छै। कखि बि ह्वो एकी रैबार पर जजमाना घौर पौंछी जान्दा छाँ।

    दुसरु वळु भै प्रभाकर डिग्राी पढ़यूं आई टी प्रोफिशन से बम्बे मल्टीनेशनल कम्पनी कर्मचारी। चौं तर्फां जमाने हर्क-फर्क। सोशियल मिडीयो स्टार, फेसबुक, यू टयूब, इस्टाग्राम, यू टयूटर सब्बी जगा एक्टिव भागीदारी। पितृ पक्ष सुरु होण से पैली दिवाकरन फोन करि यार भुला प्रभा यीं साल तु श्राद्धों मा घौर नि सकलु त तखि अपणा डयार मा सुक्ष्म पुज्ये कैर दियाँ। बाकी मि त घौर मु कर्दू ही छै। प्रभाकरन बोली भैजी ठिक च यीं साला श्राद्धों तैं मि यादगगार बणे द्यूला आप चिन्ता न कैरा, पितरों तै क्वी सिकैत कु मौका नि मिल्लू। आप मुबेल पर देख लियां।

    प्रभाकरन श्राद्ध सुरु होण से पैली सब्बी पित्रों फोटो कठ्ठा करि, गुगल बाबा से पितृ भक्ति का कूट अर स्लोगन निकाळी। फसक्लास पोस्टर डिजाइन कैर शानदार विडीयों बणें यू टयूब चैनल पर उपलोड करि। आखिर मा चैनल तै लाईक सियर अर सब्सक्राईब  कर्यां बी ल्येखी। अर घंटी बजोण ना भुल्यां त पैली। चर्तुदशी तीथ औण तक लाखों व्यूज, हजारों सब्सक्राईबर दगड़ चैनल च्वाँ च्वाँ। मनौड़ी परिवारा पितर घौर-घौर पौंछिन।

    तिथी दिन दिवाकर न विधीविधान से पितृ प्रसाद बणैंन, काखडी, मुंगरी, आमनी सबकुछ पितृों तै चढैन, तर्पण दिनी। सर्रा मनौड़ी ख्वाळा तैं पितृ भौज। अर पितरों तै स्येळा सिमार  सिवेन। ब्वखुन्दा दिवाकरन प्रभाकर तैं फोन करि, भुला प्रभा आज कन रैन श्राद्ध । प्रभाकर भैजी ठि...ठि...ठिक भैजी। सौरी भैजी आज एक जरुरी लाईव प्रोग्राम हौण से मि निचन्त भूलीग्यों अर बच्चोंन होटल बटिन खाणु मगैंन। दिवाकरन अच्छा करि फोन काटी। स्वचणु रौं कि कन जमानु ऐगे भगवान अद्दा मैना से पितर फोन मा सेलीब्रटी बण्यां रयां पर आज तीथ पर एक गफ्फा अन्ने अग्याळ नि पैन, धन हो विकास।

ॐ नमो व:पितरो रसाय नमो व:पितर:शोषाय नमो व:पितरो जीवाय नमो व:पितर:स्वधायै नमो व:पितरो घोराय नमो व:पितर:पितरो नमो नमो मम जलअंजलीमगृहाण पितरो वास आधत।।

@ बलबीर राणा अडिग