सौ-सल्ला मा होंणू त, झगड़ा किलै करे जौं।
जब वूं थैं ही नि हमारी क्वी परवा-फिकर,
त वूंकि चिंता मा तौळाबोळि किलै करे जौं।
दूर रैकि हि सब्बि निभैणू छ सौजि सजिलो,
फेर नजीका वास्ता फबत्याट किलै करे जौं।
इथगा गनीमत कम नि कि हम बैरि नि छन,
पर खासमखास होणू कबत्याट किलै करे जौं।
एकि गळज्यू पाणी दोस्ती ख़तरनाक होंदी बल,
त गळज्यू बणे दगड़यूळ तैं खतरा किलै करे जौं।
अडिग जब मर्जिल नि होणू मन मर्जी कु काम,
फेर हैका कि मर्जी तैं, मर्जिल किलै करे जौं।
1 फ़रवरी 26
@ बलबीर राणा 'अडिग'

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